आज सुबह-सुबह ईरान पर अमेरिका का बड़ा सैन्य हमला, होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर CENTCOM का दावा

 

आज सुबह-सुबह अमेरिका ने ईरान पर फिर से सैनिक हमने शुरू कर दिए, हार्मोज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को बताया वजह 


Centcom का दावा ईरानी सैनिक क्षमता को कमजोर करने के करने के लिए एक नया अभियान चलाया है इसका असर वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है
source x account u.s. central command


गल्फ में अमेरिका और इमरान के बीच तनाव एक फिर बाद बहुत बड़ा संकट बन गया है अमेरिका के सेंटकॉम 13 जुलाई 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में यह दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक नए सैनिक हमले की शुरुआत कर दी है अमेरिकी सेना के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना जिसके जरिए वह हार्मोज जलडमरूमध्य में अपना  प्रभुत्व स्थापित कर सकें और वहां से गुजरने वाले जहाज को सुरक्षा प्रदान कर सकें और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुनिश्चित कर सके।

सेंटकॉम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने आधिकारिक अकाउंट से जानकारी साझा करते हुए कहा कि 13 जुलाई को भारतीय समय अनुसार सुबह 5:00 बजे अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त सैन्य हमले शुरू किए हैं इन अभियानों का उद्देश्य ईरान के उन क्षमताओं को कमजोर करना जिससे कि वह सैन्य रूप से कमजोर हो जाए इस बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जो हमले किए गए हैं वह कहां और किस प्रकार के हथियारों का उपयोग से किया गया है।

हार्मोज क्यों इतना महत्वपूर्ण है ?

हार्मोज जलडमरूमध्य सबसे रणनीतिक समुद्री मार्ग में से एक माना जाता है यहां से लगभग वैश्विक तेल सप्लाई का 20% क्रूड ऑयल गुजरता है जो दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है । यह अंतरराष्ट्रीय वैश्विक क्रूड ऑयल के बाजारों को भी प्रभावित कर सकता है । आने वाले कुछ दिनों में आपको क्रूड ऑयल की दरों में बढ़ोतरी होती हुई दिखाई देगी , अगर यह संकट इसी तरह जारी रहा तो ।


अमेरिका का आरोप 

अमेरिका का आरोप है ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन किया और ईरान ने स्टेट ऑफ हार्मोज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया है इसीलिए अमेरिका ने दोबारा हमला शुरू किया। अमेरिकी प्रशासन समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाए रखना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता को केंद्र में रखकर इस कार्रवाई को करने को अपना उद्देश्य बता रहा है।

ईरान का क्या दृष्टिकोण है? 

अभी तक ईरान ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन ईरान में पहले से ही करता है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय समृद्धि संप्रभुता की रक्षा के लिए युद्ध कर रहा है ईरानी अधिकारियों ने कई बार अमेरिका की सेन उपस्थिति और प्रतिबंधों को क्षेत्रीय अस्थिरता का प्रमुख कारण बताया है 
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैनिक कार्रवाई जारी रहा तो गल्फ में बड़ा संकट उत्पन्न हो सकता है।


वैश्विक बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा।

मध्य - पूर्व में किसी बड़े सैनिक संघर्ष का वैश्विक बाजार पर बहुत गहरा असर पड़ता है पिछले बार उनके हुए युद्ध में क्रूड ऑयल के दाम आसमान छूने लगे थे और और नेचुरल गैस LNG आदि की भी सप्लाई प्रभावित हुई थी।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी 
  • समुद्री माल ढुलाई की लागत में वृद्धि।
  • टैंकरों के बीमा प्रीमियम में बढ़ोतरी। 
  • बेसिक सप्लाई चैन पर दबाव। 
  • ऊर्जा आयात करने वाले देशों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ। 
  • शेयर बाजारों और विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता। 

कई देश जो क्रूड ऑयल के आयात पर निर्भर हैं उन देशों में महंगाई बढ़ सकती है और अप्रत्यक्ष रूप से कई अन्य चीजों को भी प्रभावित हो सकती है।

क्या बढ़ सकता है सैनिक टकराव ? 

रक्षा विशेषज्ञों का मनाना है कि यदि दोनों पक्ष सैनिक कार्यवाही जारी रखते हैं तो यह संघर्ष केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा इसका असर कई और देश पर भी पड़ेगा जहां महंगाई और अन्य चीजों में प्रभावित हो सकते हैं।


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